साइबर अपराधों के मामले बढ़ने के साथ ही ठगी के तरीकों का दायरा भी लगातार फैल रहा है। जिले में इस साल 16 सितंबर तक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 2388 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें पीड़ितों ने कुल 10 करोड़ 55 लाख 90 हजार 814 रुपये की रकम ठगी की जिसमें से दो करोड़ 29 लाख 31 हजार 147 रुपये होल्ड कराए हैं। 11 लाख 23 हजार 179 रुपये पीड़ितों को वापस कराए जा चुके हैं।
आंकड़ों के अनुसार साइबर ठगी में सबसे अधिक शिकायतें यूपीआई से जुड़ी हैं। इस माध्यम से ठगी की 1898 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद डेबिट-क्रेडिट कार्ड से 167, फ्रॉड कॉल से 146 और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी 105 शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा ई-वॉलेट से 34, डिमैट-डिपॉजिटरी से 26 और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) से 12 मामले ठगी के सामने आए।
आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों के लिए यूपीआई बड़ा माध्यम बन गया है। कार्ड, बैंकिंग और फोन कॉल के जरिये होने वाली ठगी भी चुनौती बनी हुई है। रिफंड के आंकड़ों में भी अंतर साफ दिखाई देता है। रिपोर्ट की गई कुल रकम के मुकाबले अब तक लौटाई गई राशि करीब 11.23 लाख रुपये है जबकि 2.18 करोड़ रुपये रिफंड की प्रक्रिया में हैं।
जीआरएम पोर्टल की मदद से पीड़ितों को उनकी रकम लौटाई जा रही है। जो रकम बैंक होल्ड पर है उसे पीड़ितों के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया संस्तुति कर दी गई है। जल्द ही लोगों को उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलेगी। - मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी व साइबर सेल