नैनीताल। पहाड़ों के जैविक शहद व मसालों की पूरी दुनिया में खूब मांग है। किसान वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर शहद व मसालों की पैदावार करेंगे तो वह बहुत लाभ कमा सकते हैं। बायोटेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव में जीबी पंत कृषि विवि पंतनगर के कुलपति डॉ. मनमोहन सिहं चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु जैव प्रौद्योगिकी के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां जैविक तरीके से पैदा होने वाले शहद, मोटा अनाज व मसालों की गुणवत्ता बढ़ जाती है। लेकिन पुरानी तकनीकों से खेती के चलते किसान ज्यादा पैदावार नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक से मधुमक्खी पालन व किसानी करेंगे तो किसानों की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। संवाद