हल्द्वानी। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं का निर्माण कर रही संस्थाएं ही अब पेयजल बिल वसूली, पेयजल योजनाओं का रखरखाव, संचालन और निर्माण करेंगी। शासन ने जलनिगम और जलसंस्थान की ओर से बनाई जा रही पेयजल योजनाओं को हस्तगत करने के निर्देश दे दिए हैं। एक अप्रैल से अपने स्तर पर संचालित पेयजल योजनाओं पर उन्हीं एजेंसियों का स्वामित्व रहेगा। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि पेयजल सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा कि भारत सरकार की ओर से वित्त पोषित जल जीवन मिशन के तहत जिन क्षेत्रों में उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम पेयजल योजनाओं के लिए कार्यदायी संस्था है, उन क्षेत्रों में पेयजल संयोजन देने, राजस्व वसूली और पेयजल योजनाओं की देखरेख पेयजल निगम ही करेगा। इस आशय के आदेश राज्यपाल की ओर से कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के आदेश के बाद अब जलनिगम द्वारा निर्मित की जा रही योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।