नैनीताल। आपसी विमर्श, सुझाव, तालमेल से देश की शिक्षा को उत्कृष्ट बनाने के संकल्प लिया गया। रविवार को शैलनट संस्था की ओर से पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में आयोजित शिक्षकों का राष्ट्रीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन हो गया।वक्ताओं ने कहा कि गुरु ही शिष्य का भविष्य संवार सकते हैं।
मुख्य अतिथि ब्लाॅक प्रमुख डाॅ. हरीश बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। तीन दिवसीय महोत्सव में 26 राज्यों के 400 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि डाॅ. बिष्ट ने कहा कि शिक्षकों के बिना युवाओं का भविष्य संवारा नहीं जा सकता है। शिक्षकों को अपनी भूमिका व समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझनाा होगा। कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षकों का मानना है कि नए प्रयोगों के जरिए शिक्षा को नई दिशा दी जा सकती है जिससे युवाओं का भविष्य और बेहतर किया जा सकता है।
कहा कि यदि बदलते समय के अनुरूप शिक्षा में आवश्यक सुधार हुए तो स्वयं ही देश की उन्नति हो सकेगी। शिक्षकों की ओर से वर्तमान शिक्षा पर मनन करते हुए आवश्यक सुधार के साथ ही इन्हें सुचारू करने के लिए सुझाव दिए। कार्यक्रम का संचालन बबीता थपलियाल मैठाणी ने किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य डाॅ. सूर्य प्रकाश, डाॅ. कन्नू जोशी, रोहिताश गंगवार, केदार पलड़िया, महेश शर्मा, डाॅ. डीएन भट्ट, अभय कुमार शर्मा, श्रीश डोभाल, हरीश जोशी, ललित कर्नाटक, विनीता खाती, भारती भंडारी, डॉ. भुवन भंडारी आदि मौजूद थे।