स्थानीय कारीगरों को सशक्त बना रही ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना
काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर कुमाऊं गृह उद्योग समिति ने खोला है स्थानीय उत्पादों का स्टॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। केंद्र सरकार की ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने में कारगर साबित हो रही है। योजना के तहत काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर कुमाऊं गृह उद्योग समिति ने स्थानीय उत्पादों का स्टॉल खोला है। इसमें महिला समूहों की ओर से निर्मित उत्पाद बेचे जा रहे हैं। देश भर से काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को पहाड़ी उत्पाद खूब भा रहे हैं।
‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत काठगोदाम रेलवे स्टेशन का चयन किया गया है। रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के यात्री प्रतीक्षा हॉल में स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए एक स्टॉल उपलब्ध कराया गया है। 15 दिन तक स्टॉल लगाने के लिए स्थानीय कारीगरों से 1000 रुपये न्यूनतम शुल्क लिया जा रहा है। वर्तमान में कुमाऊं गृह उद्योग की ओर से स्टॉल लगाया गया है। इसमें ऐपण, जूट के बैग, पहाड़ी दालें, कुशन कवर, मसाले, पिसा नमक, जैम, अचार आदि स्थानीय उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
कुमाऊं गृह उद्योग की संयोजक प्रमिला रत्नाकर ने बताया कि उनकी संस्था से 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ ही स्थानीय उत्पाद तैयार किए जाते हैं। मोदी सरकार की ‘एक स्टेशन एक उत्पाद योजना’ से स्थानीय महिलाएं स्वरोजगार के जरिए सक्षम हो रही हैं। अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।