हल्द्वानी। कुमाऊं में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार हो रही हैं। कुमाऊं मंडल में 35 दिनों में बाघ, तेंदुओं के हमलों में सात लोगों की मौत हो चुकी है। इनके अलावा कई लोग घायल हो चुके है।
पिछले साल सर्दियों के समय ही रामनगर की फतेहपुर रेंज में बाघ के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आयी थीं। इनमें कई लोगों की मौत हुई थी। इस साल भी वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुमाऊं की बात करें तो 35 दिन में बाघ, तेंदुओं के हमले में कई लोग जान गवां चुके हैं। इसमें कार्बेट पार्क समेत कुमाऊं के विभिन्न हिस्सों में घटना हुई है।
अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश
हल्द्वानी। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं प्रसन्न पात्रो का कहना है कि अभी तक देखा गया है कि पहाड़ में सर्दियों के समय तेंदुओं के हमलों की घटना बढ़ती है, पर अब बाघ के हमले बढ़ने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं।
इसको लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से अध्ययन कराने पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे घटनाओं के कारणों का सही कारणों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा वन कर्मियों को संवेदनशील जगहों पर और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
हादसे-दर-हादसे
- 18 अक्तूबर को कार्बेट पार्क के कालागढ़ रेंज के अंतर्गत सैंडिल बांध के पास गश्त कर रहे बीट वाचर पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिसमें बीट वॉचर की मौत हो गई थी।
- 30 अक्तूबर को पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट के कोठेरा गांव में तेंदुए ने दो साल के मासूम को मार डाला।
- 30 अक्तूबर को रामनगर-कालाढूंगी में बाघों के हमले में वनकर्मी समेत दो लोग घायल हो गए थे।
02 नवंबर को कालाढूंगी में आंगन में खेल रही बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया। इसी दिन आमपोखरा रेंज के हाथी डगर में बाघ के हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया।
9 नवंबर को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज के हाथी डगर में बाघ ने एक महिला की जान ले ली। बाघ ने बाइक सवार सहित दो युवकों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
- 12 नवंबर को कॉर्बेट पार्क में बाघ के हमले में एक श्रमिक की मौत हुई।
- 18 नवंबर को रानीखेत के काकड़ीघाट में वन्यजीव के हमले के शिकार युवक का शव मिला
- 23 नवंबर को कार्बेट पार्क के ढिकाला में बाघ के हमले में श्रमिक की मौत