हल्द्वानी। शिक्षक अब बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और सीआरपी (कलस्टर रिसोर्स पर्सन) का कार्य नहीं करेंगे। बीआरपी का कार्य उपशिक्षा अधिकारी और सीआरपी का कार्य प्रधानाध्यापक करेंगे। शिक्षक अब सिर्फ शिक्षण कार्य पर ध्यान देंगे।
राज्य परियोजना निदेशक वंशीधर तिवारी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। कहा गया है कि शिक्षकों से शिक्षण कार्य के बजाय बीआरपी और सीआरपी का कार्य लिया जा रहा है। शिक्षण कार्य नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इस विषय में वर्ष 2018 में जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बीआरपी के कार्यों का निर्वहन उपशिक्षा अधिकारी और सीआरपी के कार्यों का निर्वहन प्रधानाध्यापक करेंगे। ऐसे में शिक्षक बिलकुल भी इस कार्य को नहीं करेंगे। शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित करते हुए कहा गया है कि बीआरपी, सीआरपी का कार्य करने वाले शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए कार्यमुक्त किया जाए। दोबारा ऐसा मामला सामने आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।