हल्द्वानी। अब तराई पूर्वी वन प्रभाग में वनकर्मियों की गश्त के कदम-कदम का हिसाब रहेगा। प्रभाग में एम स्ट्राइप के माध्यम से गश्त होगी। ऐसे में वनकर्मियों की गश्त का रिकाॅर्ड होगा। साथ ही वनकर्मियों को गश्त के दौरान दिखने वाले वन्यजीवों का ब्योरा भी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
अब तक वन विभाग में गश्त करने वाले कर्मियों को गश्त के दौरान स्थान, फोटोग्राफ, वनकर्मियों की संख्या का ब्योरा भेजने की व्यवस्था थी। जिससे गश्त हो रही है, उसे सुनिश्चित किया जा सके। अब तराई पूर्वी वन प्रभाग में एम स्ट्राइप एप के माध्यम से गश्त करने का फैसला किया गया है। यह एप मोबाइल पर अपलोड रहता है, इसके बाद वन कर्मी गश्त करता है उसके स्थान, कितनी देर गश्त की, कितना समय रुके रहे समेत अन्य विवरण को दर्ज करने के साथ एक मैप बनता है। डीएफओ संदीप कुमार कहते हैं कि पहले चरण में संवेदनशील खटीमा, किलपुरा, सुरई, गौला, किशनपुर रेंज में गश्त को शुरू किया गया है। इसी तरह अन्य रेंजों में आने वाले समय में गश्त होगी। एसडीओ अनिल जोशी कहते हैं कि इससे वनकर्मियों की गश्त का पूरा विवरण होगा। इससे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।