रामनगर (नैनीताल)। बाघ के हमलों में जब भी बीट वॉचर की मौत होती है तो कॉर्बेट पार्क प्रशासन को मुखौटा योजना की याद आती है, लेकिन फिर कोई सुध नहीं ली जाती। चार साल पहले भी गश्ती दल को मुखौटा पहनाने की बात कही गई लेकिन आज तक गश्त करने वाले वन कर्मियों को मुखौटे नहीं मिले।
कॉर्बेट पार्क के 1288 वर्ग किमी के जंगल में रोजाना 600 कर्मचारी लंबी और छोटी दूरी की गश्त करते है। ऐसे में गश्ती दल पर वन्यजीवों के हमले की घटनाएं भी होती रहती हैं। इन हमलों में गश्ती कर्मचारियों को जान भी गंवानी पड़ रही हैं।
कॉर्बेट पार्क के वार्डन अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि बाघ कभी भी किसी पर आगे से हमला नहीं करता है। अभी तक की घटनाओं में गश्त करने वाले कर्मचारियों पर बाघ ने पीछे से ही हमला किया है। इसी को देखते हुए पार्क के उच्चाधिकारियों से वन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर राय ली गई।
निर्णय लिया कि गश्त करने वाले सभी कर्मचारी अपने सिर के पिछले हिस्से में इंसानी चेहरे जैसा मुखौटा लगाएंगे, ताकि बाघ उन पर हमला न कर सके।
बाघ हमेशा पीछे से ही हमला करता है। यदि किसी व्यक्ति का बाघ से आमना-सामना हुआ तो वह जंगल में चला जाता है। वन कर्मियों के सिर के पिछले हिस्से में मुखौटा लगा होगा तो बाघ को लगेगा कि गश्त कर्मी उसे देख रहा है। इस पर बाघ हमला नहीं करेगा। - डाॅ. धीरज पांडेय, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
2019 में भी बनी थी मुखौटे की योजना
रामनगर (नैनीताल)। वन कर्मियों को मुखौटा लगाकर गश्त करने की योजना 2019 में भी बनी थी। योजना तो बनी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। योजना बनने के बाद अब तक 3 बीट वाॅचर काे अपनी जान गंवानी पड़ी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. धीरज पांडेय ने बताया कि सुंदरवन में मुखौटा पहनकर गश्त कराई गई थी। उसी की तर्ज पर 2019 में कॉर्बेट पार्क में भी योजना बनी थी। सुंदरवन में मुखौटा पहनकर गश्त के दौरान भी हमले हुए थे और योजना कारगर साबित नहीं हुई थी। सुंदरवन और कॉर्बेट पार्क की जैवविविधता अलग है। अब उम्मीद है कि शायद यह योजना यहां कारगर हो। संवाद
कॉर्बेट में दस बीट वाचरों ने अब तक गंवाई जान
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पिछले 23 साल में आठ बीट वाॅचर को बाघ ने मार डाला। हालांकि दो बीट वाॅचरों को हाथी ने मारा था। कॉर्बेट पार्क में वन कर्मियों के साथ बीट वॉचरों की गश्त में अहम भूमिका होती है। लंबी दूरी सहित जंगल की वन चौकियों में बीट वाॅचरों की तैनाती की जाती है।
11 साल में दस बीट वॉचर ने गंवाई जान
22 जुलाई 2012 को कपड़े धो रहे बीट वाॅचर दीवानी राम सर्पदुली रेज में बाघ ने मारा गया।
20 अक्तूबर 2013 को कालागढ़ में बीट वाॅचर राकेश कुमार शर्मा को गश्त के दौरान बाघ ने मारा।
25 मार्च 2014 को सर्पदुली में गश्त के दौरान बीट वाॅचर कृपाल राम को बाघ ने मारा।
22 मार्च 2016 को कालागढ़ में गश्त के दौरान बीट वाॅचर कृष्णपाल सिंह को बाघ ने मारा।
8 अप्रैल 2016 को सर्पदुली में गश्त के दौरान बीट वाॅचर हरी राम को बाघ ने मारा।
10 जून 2016 को बिजरानी में वीट वाॅचर पृथ्वीपाल सिंह को हाथी ने मार डाला।
10 जून 2016 को बिजरानी में बीट वाॅचर बीर सिंह को हाथी ने मार डाला।
15 जुलाई 2019 को पलेन रेंज में बीट वाॅचर सोहन सिंह को बाघ ने गश्त के दौरान मारा।
13 अगस्त 2019 को ढिकाला में बीट वाॅचर बिशन राम को गश्त के दौरान बाघ ने मारा।
18 अक्तूबर 2023 को कालागढ़ रेंज के पटेरपानी में बीट वाॅचर पवन कुमार को गश्त के दौरान बाघ ने मारा।