गरमपानी (नैनीताल)। पहाड़ पर स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली की कीमत एक नवजात को चुकानी पड़ी। प्रसूता को समय पर इलाज नहीं मिला तो उसने जन्म लेते ही दम तोड़ दिया। पहले सीएचसी गरमपानी में पहले डॉक्टर नहीं मिले, रेफर किया तो एंबुलेंस नहीं मिली, आधे घंटे बाद मिली भी तो हल्द्वानी पहुंचने में ही साढ़े तीन घंटे लग गए। ऑपरेशन भी हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घूना गांव के एनके आर्या ने बताया कि सोमवार की सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी जया किशोरी को लेकर गरमपानी सीएचसी पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर किया। सीएचसी में एबुलेंस के खराब होने पर सुयालबाड़ी सीएचसी से एंबुलेंस सुबह 9:30 बजे पहुंची। जैसे-तैसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया लेकिन एबुलेंस का हार्न खराब होने के कारण जाम में अन्य वाहनों से पास नहीं मिल पाया। दोपहर 1:30 बजे सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद जन्मे नवजात की मौत हो गई थी।
एनके आर्या ने आरोप लगाया कि यदि समय से एबुलेंस मिल जाती और सीएचसी में ही स्त्री रोग विशेषज्ञ की सुविधा होती तो शायद आज उनका नवजात जिंदा होता।
सुविधाओं के अभाव में 60 किमी दूर हल्द्वानी पहुंच रहे हैं मरीज
गरमपानी सीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाने से मरीजों को बेहतर उपचार के लिए 60 किमी दूर हल्द्वानी के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फीजिशियन के मुख्य विशेषज्ञों के पद खाली हैं।
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि गरमपानी सीएचसी की एबुलेंस सही होने के लिए गई है। इस कारण सुयालबाड़ी सीएचसी से एबुलेंस को बुलाया गया। एंबुलेंस आधे घंटे में पहुंच गई थी।