नजूल अनुभाग में तैनात वरिष्ठ नजूल लिपिक ने सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अपने ही पिता के नाम पर दोगुनी जमीन फ्री होल्ड कर दी। प्रशासनिक स्तर पर लंबी विभागीय प्रक्रिया के बाद मामला कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के आदेश और एडीएम की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एडीएम फिंचा राम चौहान ने तहरीर देकर कहा कि जिला कार्यालय नैनीताल के नजूल अनुभाग में प्रकाश चंद्र सहदेव वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात थे। कार्यकाल के दौरान उन्होंने पिता रामस्वरूप के पक्ष में मल्लीताल की नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने के लिए सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की। कार्यालय स्तर पर लापरवाही बरतने पर 2004 में उन्हें तत्कालीन जिलाधिकारी ने सेवा से निलंबित किया था। 2005 में सशर्त सेवा बहाली दी गई थी। 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने मल्लीताल स्थित 425 वर्ग मीटर नजूल भूखंड को तथ्य छिपाकर धोखाधड़ी से फ्री होल्ड कराने का आदेश निरस्त कर दिया। एडीएम ने तहरीर में बताया है कि प्रकाश चंद्र सहदेव ने नजूल अनुभाग में रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर अपने ही परिवार के सदस्यों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
मल्लीताल नजूल भूखंड को कोषागार चालान संख्या पांच में 222.40 वर्गमीटर में ओवरराइटिंग कर 425.40 वर्गमीटर करने के अलावा राजकीय अभिलेखों में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी की। साथ ही व्यावसायिक उपयोग के भूखंड को आवासीय दर पर फ्री-होल्ड कराकर राज्य सरकार के राजस्व की क्षति पहुंचाई। कोतवाल हेम चंद्र पंत ने बताया कि मामले में प्रकाश चंद्र सहदेव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 408 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।