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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगा राज्य का करप्शन ग्राफ, पूछा- प्रदेश से कब समाप्त होगा भ्रष्टाचार

Wed, 16 Jul 2025 12:26 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

हाईकोर्ट ने राज्य में भ्रष्टाचार समाप्त न होने पर बड़ी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने मुख्य सचिव को दो दिन के भीतर राज्य का करप्शन ग्राफ कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए गुरुवार को सुनवाई निर्धारित की है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में भ्रष्टाचार समाप्त न होने पर बड़ी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने मुख्य सचिव को दो दिन के भीतर राज्य का करप्शन ग्राफ कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए गुरुवार को सुनवाई निर्धारित की है।

मुख्य कोषाधिकारी दिनेश राणा और अकाउंटेंट बसंत जोशी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी एक मामले में नहीं बल्कि तमाम मामलों में देखने में मिलता है। सरकार ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं करती कि भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाए। कोर्ट ने पूछा कि ऐसी स्थिति कब आएगी कि उत्तराखंड भ्रष्टाचार मुक्त हो सकेगा। कोर्ट ने दोनों की जमानत की सुनवाई सरकार का जवाब आने के बाद गुरुवार को निर्धारित की।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार आरोपित पर रिश्वत की मांग का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर उन्हें विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। राणा ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर कहा था कि उन्होंने रिश्वत नहीं ली थी और उन्हें झूठा फंसाया गया जबकि उन्होंने शिकायतकर्ता की एसीपी फाइल पहले ही वापस कर दी थी।

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