गरमपानी (नैनीता)। लाडले के पार्थिव देह को देख मां की आंखें नम हो गईं। बोलीं, अब श्यामू कहे कुल हम हमार जिंदगी में अन्यर कर गछै तू... मां मंजू देवी के ये शब्द सुनकर पिता देवेंद्र सिंह बिष्ट और भाई नीरज भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
मां मंजू देवी संजय वापस आ जा, मेरे बेटे वापस आ जा कहकर बेसुध हो गई। बेटा संजय देश के लिए तेरा यह बलिदान हम कभी नहीं भुला पाएंगे तुमने तो देश की सेवा में अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए इन शब्दों के साथ शहीद की मां मंजू देवी और पिता देवेंद्र सिंह बिष्ट ने पैरा कमांडो संजय बिष्ट के पार्थिव देह को गले से लगा लिया। पिता देवेंद्र सिंह बिष्ट भी बेटे को देख फफककर रोते रहे। दोनों को रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने संभाला। पैरा कमांडो संजय के बड़े भाई नीरज, बड़ी बहन विनीता और छोटी बहन ममता का भी रो रोकर बुरा हाल था। वह भी भाई के बलिदान पर रोते बिलखते रहे। वहीं पार्थिक शरीर पर रखकर आए तिरंगे को हाथ में लेकर नीरज छोटे भाई संजय को एक टक देखता रहा गया। संवाद
पहले देश सेवा फिर करूंगा शादी
देश सेवा का जज्बा पैरा कमांडो संजय बिष्ट में इस कदर था कि वह शादी की बात पर परिजनों और रिश्तेदारों से टाल मटोली करते थे। वह कहते थे कि उसके लिए पहले देश सेवा और सेना की वर्दी का सम्मान है।
अपने लाल को अंतिम विदाई देने उमड़ा कुमाऊं
भवाली से लेकर रातीघाट तक पैरा कमांडो को लोगाें ने दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
भीमताल। कुमाऊं के लाल को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। घोड़ाखाल सैनिक स्कूल से लेकर रातीघाट तक शहीद पैरा कमांडो संजय बिष्ट को अंतिम विदाई देने के लिए भवाली से रातीघाट तक का 12 किमी का सफर लोगों ने अपने वाहनों से किया।
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए नैनीताल, हल्द्वानी, भीमताल, रामगढ़, धारी, अल्मोड़ा, रानीखेत के दूरदराज से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। शहीद के परिजनों को गमगीन माहौल में देख अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों की आंखें नम हो गईं।
पैरा कमांडो संजय बिष्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि पहुंचे। कोश्याकुटोली एसडीएम बीसी पंत, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्रा, भवाली सीओ नितिन लोहानी, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, आप नेता हेम आर्या, अंकित साह, बालम मेहरा, रमेश सुयाल, दिलीप बोहरा, कन्नू गोस्वामी, त्रिभुवन पाठक, जेडी कत्यूरा आदि शामिल रहे। भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने भी शोक व्यक्त किया है।
रातीघाट में दुकानें बंद, कई घरों में नहीं जले चूल्हे
पैरा कमांडो संजय बिष्ट के बलिदान पर शुक्रवार को रातीघाट बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं। पैरा कमांडो के बलिदान की खबर के बाद से रातीघाट और आसपास के क्षेत्र में गम का माहौल बना रहा। शुक्रवार सुबह और शाम कई घरों के चूल्हे तक नहीं जले।
होनहार छात्र और एक अच्छा खिलाड़ी था संजय : रावत
गरमपानी (नैनीताल)। पैरा कमांडो संजय बिष्ट को पढ़ाई के साथ खेलों से विशेष प्रेम था। वह क्रिकेट, वॉलीबाल आदि खेल को बेहद पसंद करता थे। साथ ही कक्षा में होनहार छात्र होने के चलते हमेशा टॉप तीन अपनी कक्षा में रहते थे। अंग्रेजी के शिक्षक दिनेश सिंह रावत ने बताया कि कक्षा 7 से लेकर 12 तक उन्होंने अंग्रेजी विषय पढ़ाया था। डांटने पर वह हमेशा मुस्कराता रहता था। कहा कि वह राइंका रातीघाट का एनएनएस का स्वयंसेवी भी रह चुका हैं। विद्यालय के पीटीआई भगवत सिंह रावत अपने प्रिय छात्र के शहीद होने पर रो पड़े। उन्होंने कहा कि संजय ने देश सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पूर्व छात्र पैरा कमांडो संजय के बलिदान पर विद्यालय परिवार में शोक की लहर है।
रातीघाट इंटर कॉलेज शहीद के नाम पर हो
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने सरकार से रातीघाट इंटर कॉलेज का नाम पैरा कमांडो शहीद संजय बिष्ट के नाम पर करने की मांग की है।