हल्द्वानी। गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को महालक्ष्मी मंदिर बेरीपड़ाव में संगीतमय सुंदरकांड और गुरु पूजन आरती के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा श्री महालक्ष्मी मंदिर का निर्माण कराने वाले 1008 वरिष्ठ महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन स्वामी बाल कृष्ण यति महाराज संत ही नहीं बल्कि साक्षात शिव स्वरूप त्याग की मूर्ति थे। वरिष्ठ पत्रकार ताराचंद्र गुरुरानी बताते हैं कि संयमित जीवन नित्य वेद पुराणों का अध्ययन कर उनके उपदेश और प्रवचन से समाज को एक नया संदेश ही नहीं बल्कि नई जिज्ञासा जन मानस में पैदा कराती थी। चातुर्मास में महाराज का देव भक्ति के लिए समर्पण आज भी भक्तों को प्रेरणा प्रदान करता है। महाराज ने विश्वशांति, सामाजिक, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक विकास और चेतना के लिए जीवन पर्यंत प्रयास जारी रखे। वेदांताचार्य स्वामी बाल कृष्ण यति महाराज ने आदर्श श्री विश्वनाथ गुरुकुल महाविद्यालय, भारतीय शिक्षा संस्थान इंदौर के अलावा शंकर आश्रम हरिद्वार, महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी का निर्माण कर क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संदेश क्षेत्र की जनता को दिया है।