हल्द्वानी में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का भुगतान पत्र बनाने के एवज में 25 हजार रुपये ले रहे नगर निगम के जेई को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोपहर बाद पकड़े गए जेई के आवास की भी तलाशी ली गई। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। नगर निगम की ओर से शहर में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का भुगतान नगर निगम से किया जाता है। इसके लिए कार्य संतोषजनक होने का पत्र भी मिलता है। हल्द्वानी नगर निगम में ईईसीएल कंपनी के रखरखाव का काम कर रही है। इसके बाद पत्र को बनाने के लिए कंपनी के कर्मचारी कई दिन से नगर निगम में जा रहे थे, लेकिन उनसे इसके एवज में रुपयों की डिमांड की जा रही थी। विजिलेंस के सीओ अनिल मनराल ने बताया कि बीते कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने कार्यालय में पहुंचकर इसकी शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि उनकी कंपनी ने हल्द्वानी शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाई है। स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव भी उनकी कंपनी कर रही है। ईईसीएल कंपनी के रखरखाव का भुगतान नगर निगम से कार्य के संतोषजनक होने का पत्र मिलने पर होता है। इस पत्र को बनाने के लिए निगम का अवर अभियंता खष्टी बल्लभ उपाध्याय रिश्वत मांग रहा है। ये पढ़ें- Uttarakhand: सत्ता में आते ही अग्निवीर योजना खत्म करेगी कांग्रेस, 1.5 लाख युवाओं को किया जाएगा भर्ती: सप्पल सीओ के अनुसार विजिलेंस जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। इस पर ट्रैप टीम का गठन किया गया। बृहस्पतिवार को टीम ने अवर अभियंता खष्टी बल्लभ जोशी को नगर निगम कार्यालय में ही शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विजिलेंस के निदेशक डा. वी मुरुगेश्न ने टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं विजिलेंस की कार्रवाई से निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप रहा। दोपहर बाद विजिलेंस आरोपित को अपने संग ले गई।