भीमताल (नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्र के काश्तकारों को उनकी मुख्य फसलों में शामिल झिंगोरा, मडुवा और चौलाई पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ देने की तैयारी में है। साथ ही विभाग की ओर से इन फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित भी किया जाएगा।
किसानों की फसलों को एमएसपी दर पर खरीदने के लिए शासन और निदेशालय स्तर से कृषि विभाग को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत नैनीताल जिले में कृषि विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं केंद्र सरकार भी उत्तराखंड से मडुवा खरीदने की बात कही है। इससे भी किसानों का भरोसा बढ़ गया है।
एमएसपी दर पर फसलों का मिलेगा उचित दाम
>> पहाड़ में मडुवा, झिंगोरा और चौलाई की फसलों का अच्छा उत्पादन होने के साथ बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार इन फसलों को एमएसपी दर पर शामिल करना चाहती है ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिल सके।
फसल खेती उत्पादन
मडुवा 1251 हेक्टेयर 2121 मीट्रिक टन
झिंगोरा 1010 हेक्टेयर 128 मीट्रिक टन
चौलाई 30 हेक्टेयर 34 मीट्रिक टन
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किसानों को मंडियों में बेचनी पड़ती फसल
>> किसानों को अपनी फसलों को हल्द्वानी समेत अन्य मंडियों में बेचना पड़ता है। काश्तकारों के अनुसार उन्होंने वर्ष 2021-22 में मडुवा 25 रुपये किलो, झिंगोरा 30 रुपये किलो और चौलाई 52 रुपये किलो तक बेचा था।
मिड-डे मिल और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मिलेगा मडुवा
>> सरकार की ओर से अब मडुवे को आंगनबाड़ी केंद्रों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मिड-डे मील योजना में भी जोड़ने की तैयारी चल रही है।
कोट
- मडुवा, झिंगोरा और चौलाई पर एमएसपी का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। इन फसलों में एमएसपी मिलने से किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही किसान इन फसलों की खेती के लिए प्रेरित होंगे और उन्हें अपनी फसलों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। - डॉ. वीके यादव, मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल