नैनीताल स्थित डीएसबी में चुनाव प्रचार करतीं बीना चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
डीएसबी परिसर नैनीताल का छात्रसंघ चुनाव इस बार सिर्फ छात्र नेताओं के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं है। चुनावी मैदान में एक ऐसी मां की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने अपने बेटे के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए खुद कॉलेज में दाखिला ले लिया है। उम्र के छठे दशक में हल्द्वानी निवासी व निगम की पार्षद बीना चौहान इन दिनों डीएसबी परिसर में राजनीति विज्ञान में एमए की छात्रा के रूप में अपने बेटे भानु प्रताप सिंह चौहान के अध्यक्ष पद के चुनाव प्रचार में जुटी हैं।
भानु के चुनाव मैदान में उतरने के बाद उनकी मां बीना चौहान चर्चा में आईं जब उन्होंने बेटे के चुनाव की कमान संभालने को खुद भी कैंपस में एडमिशन ले लिया। बीना स्वयं भी हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र के नवाबी रोड से पार्षद हैं। बीना की शिक्षा का सफर भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने वर्ष 2001 में विवाह के 13 वर्ष बाद 2014 में एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से एजुकेशन विषय में एमए किया था। अब 12 वर्ष बाद उन्होंने दोबारा डीएसबी परिसर नैनीताल में राजनीति विज्ञान में प्रवेश लिया है। इससे पहले उन्होंने 2025 में बीना चौहान ने एलएलबी भी किया था।
उनका कहना है कि पढ़ाई के प्रति उनका लगाव अभी भी बना हुआ है और चुनाव के बाद वे एमए की पढ़ाई भी पूरी करेंगी। बेटे के चुनाव में उतरने के बाद परिसर में उनकी सक्रियता बढ़ गई है और वह भानु के लिए प्रचार व छात्र-छात्राओं से संवाद कर रही हैं।
बीना ने बताया कि 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव में भानु प्रताप अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। बताया कि वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से टिकट के दावेदार थे, लेकिन नैनीताल का मूल निवासी नहीं होने के कारण उन्हें टिकट नहीं मिल सका। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनके चुनाव अभियान में काले झंडे को प्रमुख पहचान बनाया गया है।
बीना का बड़ा बेटा राज चौहान हल्द्वानी में यू-ट्यूबर है। उनके पति वाहन और ठेकेदारी के व्यवसाय से जुड़े हैं। चुनाव परिणाम चाहे जो हो, बेटे के छात्रसंघ चुनाव में मां के इस तरह सीधे मैदान में उतरने की घटना डीएसबी परिसर के इस चुनाव को एक अलग और रोचक जरूर बना रही है।