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Nainital News: देहरादून में सबसे ज्यादा जन्म से दिव्यांग बच्चे पंजीकृत

Mon, 28 Aug 2023 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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प्रतीकात्मक
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हल्द्वानी। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग पेंशन और जन्म से दिव्यांग बच्चों को भत्ता दिया जाता है। जन्म से दिव्यांग बच्चों के लाभार्थियों में सबसे अधिक संख्या देहरादून जिले से है। दिव्यांग पेंशन योजना में दृष्टिबाधित, मूकबाधिर, शारीरिक रूप से दिव्यांगों को 1500 रुपये प्रतिमाह और जन्म से दिव्यांग बच्चों को 700 रुपये प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रदेश में जन्म से दिव्यांग बच्चों को दिए जाने वाले भत्ते में कुल लाभार्थियों की संख्या 7075 है। इनमें देहरादून जिले के सबसे ज्यादा 1397 बच्चे शामिल हैं। वहीं इस सूची में सबसे कम रुद्रप्रयाग से 187 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके लिए विभाग से प्रतिमाह करीब 49.53 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं जिससे बच्चे के भरण-पोषण आदि के लिए परिवार को आर्थिक मदद मिले।
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जिला जन्म से दिव्यांग पंजीकृत
देहरादून 1397
ऊधमसिंह नगर 1294
हरिद्वार 860
नैनीताल 713
अल्मोड़ा 553
उत्तरकाशी 428
पौड़ी 342
पिथौरागढ़ 298
चंपावत 269
टिहरी 266
बागेश्वर 240
चमोली 228
रुद्रप्रयाग 187



प्रदेश में 80 हजार दिव्यांगों को पेंशन
प्रदेश में दिव्यांग पेंशन का लाभ करीब 80313 लोगों को मिल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा लाभार्थी हरिद्वार जिले के 11,764 हैं। इसके बाद क्रमश: उधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी, नैनीताल, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, रूद्रप्रयाग हैं। रूद्रप्रयाग में 2358 लाभार्थी हैं। दिव्यांग पेंशन में प्रतिमाह करीब 1204.70 लाख रुपये खर्च होते हैं।

ऐसे मिलता है योजना का लाभ
योजना में 18 साल से अधिक आयु के 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले बीपीएल श्रेणी या 4000 रुपये तक मासिक आय वाले परिवारों के दिव्यांगजनों को पेंशन और इसी तरह 18 साल के कम आयु के बच्चों के लिए भत्ते का प्रावधान है। इसमें उमंग पोर्टल, अपुणि सरकार पोर्टल और ssp.uk.gov.in से ऑनलाइन आवेदन होगा।
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समाज कल्याण विभाग के निदेशक आशीष भटगांई का कहना है कि प्रदेश में दिव्यांगों को पेंशन और जन्म से दिव्यांग बच्चों के लिए भत्ते की सुविधा है। इससे उन्हें जीवन को बेहतर करने में आर्थिक मदद मिलती है। योजना के प्रचार-प्रसार, दिव्यांगों को पेंशन, बच्चों को भत्ता दिलाने समेत योजना में पारदर्शिता को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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