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Nainital News: चार साल में नौ सौ से अधिक लोगों ने गंवाई हादसों में जान

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हल्द्वानी। कुमाऊं में सड़क हादसों पर कब तक लोग जान गंवाते रहेंगे। शासन-प्रशासन की ओर से समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के बावजूद हादसों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। पिछले चार साल में कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में 1500 से अधिक सड़क हादसे हुए और इनमें 900 से अधिक लोग जान गवां चुके हैं।कुमाऊं के पर्वतीय जनपद पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत में बीते चार साल में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पहले के मुकाबले यहां की सड़कें सुविधाजनक तो बनाई गई हैं लेकिन हादसों पर विराम नहीं लग पा रहा है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2022 में 22 फरवरी को चंपावत में रीठा साहिब मार्ग के पास वाहन खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। इसके पांच महीने बाद ही नौ जुलाई को काशीपुर की ढेला नदी के तेज बहाव में अनियंत्रित हुई कार में नौ लोगों की जान चली गई। मार्च 2023 में पूर्णागिरि मंदिर से लौट रहे तीन श्रद्धालुओं को वाहन ने कुचल दिया था। इसी साल अक्तूबर में नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर बस खाई में गिरी थी, इसमें सात यात्री काल के गाल में समा गए थे। एक महीने बाद ही नवंबर में छीड़ाखान-रीठासाहिब मार्ग पर एक वाहन खाई में गिर गया था। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2024 दिसंबर में अल्मोड़ा से लौट रही हल्द्वानी डिपो की बस भीमताल मार्ग पर बोहराकून के पास खाई में गिर गई थी। इसमें चार लोगों की जान चली गई और 24 घायल हो गए थे।
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