नैनीताल। कृषि विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी जिले में अब तक लगभग पांच हजार से अधिक काश्तकारों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे काश्तकारों को भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समेत तमाम योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।
प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के तहत सभी भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति परिवार छह हजार रुपये का वित्तीय लाभ दिया जाता है जो हर चार महीने में तीन समान किस्तों में दिया जाता है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकृत काश्तकारों को ईकेवाईसी कराना अनिवार्य होता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में पांच हजार किसानों ने ईकेवाईसी नहीं कराई है। कहा कि इनमें 20 फीसदी काश्तकारों की मौत हो चुकी है। संबंधित परिजनों से उनके मृत्यु प्रमाण पत्र मंगाए गए हैं ताकि घर के नए मुखिया को इस योजना के तहत पंजीकृत किया जा सके।
कहीं सरकार वसूली न कर ले
नैनीताल। विभागीय अधिकारियों की मानें तो ईकेवाईसी न कराने वाले पांच हजार काश्तकारों में से कुछ काश्तकार ऐसे भी हैं जो आयकर दाता हैं। आयकर दाता होने के बावजूद उन्होंने पिछले वर्षों के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने आयकर दाता काश्तकारों से किसान सम्मान निधि की धनराशि की वसूली शुरू कर दी है लिहाजा अब ऐसे किसान ईकेवाईसी न कराकर खुद को योजना से अलग करना चाहते हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी, डॉ. वीके सिंह ने बताया कि जिले में कई काश्तकारों ने अभी ईकेवाईसी नहीं कराई है। विभागीय स्तर पर अभियान चलाकर ऐसे काश्तकारों की ईकेवाईसी कराई जा रही है ताकि उन्हें भविष्य में भी विभागीय योजना का लाभ मिलता रहे।