नैनीताल/भवाली/पतलोट। मल्लीताल में मंगलवार को जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान विभिन्न विभागों ने राहत-बचाव का अभ्यास किया। मॉकड्रिल में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल, स्वास्थ्य विभाग समेत कई एजेंसियों ने भाग लिया। चार्टन लॉज में भूस्खलन में फंसे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। नैनीताल झील में डूब रहे लोगों को भी रेस्क्यू टीमों ने बाहर निकालकर प्राथमिक इलाज दिया। तहसीलदार अक्षय भट्ट ने बताया कि भूस्खलन की सूचना पर टीम 10 मिनट में पहुंची, आधे घंटे में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। झील में डूबने की सूचना पर टीम पांच मिनट में पहुंची। 20 मिनट में एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा में विभागों का तालमेल और त्वरित कार्रवाई परखना है। कैंची धाम मंदिर में मंगलवार को मॉकड्रिल की गई। धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से अचानक भगदड़ मच गई। भगदड़ से श्रद्धालुओं में चीख पुकार मच गई। भगदड़ की सूचना पर जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने 20 लोगों को रेस्क्यू किया। टीम ने तीन श्रद्धालुओं को स्टेजिंग एरिया में प्राथमिक उपचार दिया और एक व्यक्ति को गरमपानी सीएचसी में भर्ती कराया। मॉकड्रिल के तहत ओखलकांडा के ओसाड़ बैंड ओखलकांडा-करायल के बीच एक बस गिरने की सूचना पर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बस में सवार 35 यात्रियों में से घायल 14 यात्रियों को खाई से बाहर निकाला गया। दस 10 यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई।