रामनगर (नैनीताल)। छोटे बच्चों में मोबाइल की आदत से उनकी आंखें कमजोर हो रही हैं और इसके इस्तेमाल से छोटे-छोटे बच्चों के आंखों में चश्मे लग रहे हैं। यदि बच्चों की आंखों को बचाना है तो उन्हें मोबाइल से दूर रखना बेहद जरूरी है। इस महत्वपूर्ण बिंदु को लेकर रामनगर के रिजॉर्ट में चले रहे राज्य स्तरीय सम्मेलन में चिंतन हुआ।
हिमालयन ऑपथैल्मोलॉजी सोसाइटी की ओर से ढिकुली के एक रिजॉर्ट में नेत्र विशेषज्ञों का राज्य स्तरीय सम्मेलन हुआ। इसमें उत्तराखंड के नेत्र विशेषज्ञों के अलावा हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, गोवाहाटी, चेन्नई सहित देश भर के डॉक्टर शामिल हुए।
इस मौके पर बच्चों में मोबाइल के बढ़ते उपयोग और उनमें चश्मे की त्रुटि में वृद्धि के संबंध में चर्चा हुई। मधुमेह के रोगियों में मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी की संख्या में चिंताजनक वृद्धि प्रमुख चिंता का विषय है। मधुमेह के नियंत्रण के बारे में अधिक जागरूकता, उपचार का महत्त्व और शीघ्र हस्तक्षेप बहुत महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में ये लोग रहे मौजूद
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. जीएन राव, एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, हैदराबाद के संस्थापक द्वारा किया गया। स्थानीय आयोजन समिति में डॉ. मयंक सिंह पांगती, आयोजन अध्यक्ष, डॉ. अशोक गर्ग, आयोजन सचिव शामिल हैं। यूकेएसओएस के अध्यक्ष प्रो. संजीव मित्तल, यूकेएसओएस के सचिव डॉ. सतांशु माथुर और वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. सौरव लूथरा और लाइव सर्जरी और पुरस्कार के अध्यक्ष डॉ. गौरव लूथरा के सक्षम नेतृत्व ने इसे सफल बनाया है।
विशेषज्ञों ने दिखाई लाइव सर्जरी
पूरे भारत के छह केंद्रों से लाइव सर्जरी की। इस लाइव सर्जरी को समृद्ध वैज्ञानिक सत्र आयोजित किया, यहां कई वरिष्ठ विशेषज्ञों पूरे भारत के 500 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ अपने विचार और अनुभव साझा किए। सम्मेलन में नेत्र रोग, नई तकनीक की प्रगति, नेत्र सर्जरी में नई अत्याधुनिक तकनीक पर चर्चा की गई।