हल्द्वानी। बेस अस्पताल के चार और महिला अस्पताल के एक डॉक्टर की ड्यूटी निर्वाचन कार्यालय में लगने से मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ रहा है। दोनों अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम और एलर्जी सबसे अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं गर्मी का सीजन शुरू होते ही अस्पतालों में सर्जरी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
बेस अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 900 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। वहीं महिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 250 मरीज जांच के लिए आते हैं। वही दोनों अस्पतालों में 200 से अधिक मरीज रोज भर्ती होते हैं। ऐसे में बेस अस्पताल के फिजिशियन, सर्जन, ऑर्थो सर्जन और आई सर्जन की ड्यूटी चुनाव के मेडिकल बोर्ड में लगाई गई है। जबकि महिला अस्पताल में भी औसतन आठ से 10 गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराए जाते हैं और 70 से अधिक महिलाएं अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए पहुंचती हैं। डॉक्टरों के चुनाव ड्यूटी में लगाने से अन्य डॉक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है। वर्तमान में अस्पताल में तीन डॉक्टर मौजूद हैं।
बेस अस्पताल हल्द्वानी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके पांडे ने बताया कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए मौके पर मौजूद डॉक्टरों की ही ओपीडी में ड्यूटी लगाई गई है। जरूरी होने पर डॉक्टरों को बीच-बीच में अस्पताल बुलाना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. उषा जंगपांगी ने बताया कि अस्पताल की महिला सर्जन की मेडिकल बोर्ड में ड्यूटी लगने से अस्पताल में व्यवस्था धड़ाम हो गई है। ऐसे में डॉक्टरों को 24 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है। 24 घंटे की ड्यूटी के बाद डॉक्टर को अगले दिन अवकाश लेना पड़ रहा है।