रामनगर (नैनीताल)। चार महीने पहले मालधन के पटरानी में अफजलगढ़ (बिजनौर) के युवक की हत्या उसकी मौसेरी सास और ससुर ने की थी। दुष्कर्म का प्रयास करने पर उन्होंने गला दबाकर मार डाला था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। साथ ही पूर्व में नामजद पत्नी समेत अन्य ससुरालियों को क्लीनचिट दे दी है।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने बताया कि 14 जुलाई को मालधनचौड़ क्षेत्र के पटरानी के जंगल में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। पास ही बाइक पड़ी थी। बाइक नंबर से मृतक की शिनाख्त नरेश पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी कटारमल थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर (यूपी) के रूप में हुई थी। उसने दो साल पहले अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था।
चचेरे भाई राजकुमार ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए नरेश की पत्नी रेखा, ससुर बहादुर सिंह, सास जस्सो देवी, साला पप्पू, अर्जुन और शेर बहादुर निवासी ढेला को नामजद किया था। पुलिस ने जांच पड़ताल की, लेकिन किसी भी नामजद आरोपी की संलिप्तता पुष्ट नहीं हुई।
कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि नरेश के शरीर पर जो टी शर्ट थी, वह उसकी नहीं थी। चचेरे भाई के अनुसार वह पेंट-शर्ट पहनकर अफजलगढ़ से निकला था। जांच पड़ताल की तो पता चला कि टी शर्ट नरेश के मौसेरे साले पप्पू की थी। हालांकि घटना वाले दिन वह बिजनौर में था। पप्पू और उसके परिजनों से पूछताछ की तो वारदात की परतें खुल गईं। सामने आया कि हत्या पप्पू के पिता गोपाल सिंह और सौतेली मां बसंती देवी ने की है। दोनों के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
मौसेरे ससुर के खेत पर जाते ही किया दुष्कर्म का प्रयास
सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने बताया कि बसंती देवी के पहले पति की मौत हो चुकी है। उसने गोपाल सिंह विवाह कर लिया है। गोपाल की पहली पत्नी की भी मौत हो गई थी। गोपाल और बसंती कुंभगडार में रहते हैं। नरेश बसंती देवी की बहन जस्सो देवी पत्नी रण बहादुर निवासी ढेला की पुत्री रेखा का पति था। रेखा ने दो साल पहले नरेश को छोड़कर बाजपुर में किसी से दूसरी शादी कर ली थी। रेखा से अलग होने के बाद भी नरेश कभी कभार ढेला और पटरानी आता रहता था।
वारदात वाले दिन नरेश कच्ची शराब के तीन पाउच लेकर गोपाल सिंह के घर कुंभगडार आया था। तब गोपाल सिंह घर के पीछे खेत में काम कर रहा था। नरेश के आने के कुछ देर बाद गोपाल सिंह भी घर पर आ गया। वहां दोनों ने एक साथ शराब पी। शराब पीने के बाद गोपाल सिंह वापस खेत पर काम करने चला गया। बसंती देवी को अकेला देखकर नरेश ने बुरी नीयत से उसे पकड़ लिया और दुष्कर्म का प्रयास किया। बसंती देवी ने उसे धक्का दिया तो वह जमीन पर गिर गया। बसंती के चिल्लाने की आवाज सुनकर गोपाल सिंह भी आ गया। गोपाल सिंह और बसंती देवी ने दुपट्टे से नरेश का गला घोंट दिया। उसकी सांस चल रही थी तो गोपाल सिंह ने गुस्से में हाथ से उसका गला दबा दिया और दुपट्टा बक्से में रख दिया।
नरेश की बाइक पर रखकर ले गए शव
गोपाल और बसंती नरेश का शव उसकी बाइक पर रखकर वन विभाग की चौकी कुंभगडार होते हुए जंगल के रास्ते पटरानी ले गए और वहां झाड़ियों में फेंक आए। नरेश की बाइक और मोबाइल भी फेंक दिया। पुलिस मोबाइल की तलाश कर रही है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। सीओ ने बताया कि एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
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फोटो संख्या 04आरएनआर01पी - रामनगर पुलिस की गिरफ्त में हत्याकांड के आरोपी।