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Nainital News: वादे किए तमाम, आज भी ‘अंधेरे’ में अवाम

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मेयर जोगेंद्र रौतेला। - फोटो : मेयर जोगेंद्र रौतेला।
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हल्द्वानी। वादे हैं, वादों का क्या...हल्द्वानी के मेयर जोगेंद्र रौतेला ने भी शहर के लोगों से कई वादे किए। नगर निगम में शामिल नए वार्ड के लोगों को कई तरह के सपने दिखाए गए, लेकिन आज भी शहर मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। मुख्य मार्ग बरेली रोड, रामपुर रोड और कालाढूंगी रोड का बड़ा हिस्सा शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। वार्ड के लोगों और पार्षदों ने कई बार मांग उठाई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। योजनाओं के नाम पर सड़कें खोदकर मिट्टी और गिट्टी भरकर छोड़ दी गईं जो हादसों का सबब बनी हुई हैं। मेयर रौतेला के साढ़े नौ साल के कार्यकाल के बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। पिछले दिनों उनकी ओर से प्रेस कान्फ्रेंस में किए गए दावों के बाद अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की जिसमें यह तथ्य सामने आए। पढ़िये हरीश पांडे की रिपोर्ट...
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बोर्ड बैठक में बोले थे मेयर, 30 सितंबर से लगाएंगे स्ट्रीट लाइट



हल्द्वानी। पांच साल से नगर निगम की मुख्य सड़कें अंधेरे में हैं। रामपुर रोड पर सुशीला तिवारी अस्पताल से लेकर पंचायतघर गोरापड़ाव बाइपास तिराहे तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं।

बरेली रोड पर मंडी से लेकर तीनपानी तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं। कालाढूंगी रोड पर ब्लॉक ऑफिस से कठघरिया तक स्ट्रीट लाइट नहीं लग पाई हैं। इतना नहीं नहीं नगर निगम में शामिल हुए पांच नए वार्ड ऐसे हैं जो स्ट्रीट लाइट न लग पाने की वजह से शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं।
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मेयर जोगेंद्र रौतेला ने बोर्ड की दूसरी बैठक में सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के वादा किया था। इसका प्रस्ताव भी पास किया गया। इसके बाद ईईएसएल से नगर निगम ने 25445 स्ट्रीट लाइट लगाने का अनुबंध किया।

मेयर ने पिछले माह हुई बोर्ड बैठक में बोर्ड से वादा किया था कि 30 सितंबर से बचे हुए पांच वार्ड में भी स्ट्रीट लाइट लगा दी जाएंगी, लेकिन अब तक स्ट्रीट लाइट लगना शुरू नहीं हुआ है।





जख्मी हुईं सड़कें बढ़ा रहीं दर्द

हल्द्वानी। नगर निगम की सड़कों के हाल बहुत खराब हैं। नगर निगम के अधिकारियों को ये नहीं पता कि उनके पास नगर निगम क्षेत्र की कितने किलोमीटर सड़क है। उनकी कितनी किलोमीटर सड़क खराब है। निगम की वर्कशॉप से लेकर रेलवे स्टेशन हल्द्वानी जाने वाली सड़क बहुत खराब है। लोगों को इस सड़क पर हिचकोले खाकर जाना पड़ रहा है। लालडांठ रोड में भी गड्ढे हैं। चौफुला से कठघरिया सड़क और नवाबी रोड में भी कई गड्ढे हैं। ये आंतरिक मुख्य मार्ग हैं। इसमें लोगों को गड्ढे में होकर गुजरना पड़ता है। नगर निगम की करीब 70 किलोमीटर सड़क खराब हैं।






लावारिस पशु दे रहे जख्म

नगर निगम पांच साल से गौशाला नहीं बना पाया है। कई बार नगर निगम जमीन ढूंढने के लिए समिति बना चुका है। आज तक उस समिति की रिपोर्ट नहीं आई। उधर नगर निगम लावारिस जानवरों को पकड़ने के लिए पांच साल पहले ही एनिमल कैचर वाहन खरीद चूका है। दो-चार बार को छोड़कर इसका प्रयोग जानवरों के लिए नहीं हुआ। इस वाहन में जाड़ों में अलाव के लिए लकड़ी ढुलान होता है। लावारिस जानवर लोगों को चोटिल कर रहे हैं। अभी चार दिन पूर्व कोतवाली के सामने दो सांड लड़ गए थे। इससे एक महिला चोटिल हो गई।



फुटपाथ पर सजी हैं दुकानें

मुख्य बाजार क्षेत्र अतिक्रमण की चपेट में है। सड़कों के किनारे और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इससे लोगों का पैदल चलना दुश्वार हो गया है। व्यापारी सड़कों तक सामान सजाए रहते हैं। इससे भी जाम की स्थिति बनती है। व्यस्त सड़कों पर ठेले लगे रहते हैं। कभी कार्रवाई हुई भी तो वह भी सिर्फ नाम मात्र की हुई है।

ट्रंचिंग ग्राउंड के करीब से गुजरना दुश्वार

ट्रंचिंग ग्राउंड के कूड़े की बदबू से इंदिरानगर, गौजाजाली और गौलापार की 40 हजार की आबादी परेशान है। सड़क किनारे कूड़ा डालने के कारण सड़क किनारे से जाने वाले लोग भी परेशान हैं। बजट मिलने के बाद भी चार साल से अभी तक कंपोस्ट प्लांट नहीं बन पाया है।







मेयर जोगेंद्र रौतेला से सीधे सवाल

- साढ़े नौ साल में आपने ट्रैफिक जाम से शहर को निजात दिलाने के लिए क्या किया?

मेयर :
शहर के 24 चौराहों को चौड़ा किया जाएगा। सड़कों का लेफ्ट टर्न फ्री किया जाएगा।

- सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए क्या किया ?

मेयर : सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए नहरों को कवर किया जा रहा है। रिंग रोड जल्द बने इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

- पांच साल से नगर निगम के पांच वार्ड में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं लग पाईं ?

मेयर : ईईएसएल के अधिकारियों से बचे हुए वार्ड और मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए कहा गया है। ईईएसएल ने 3000 स्ट्रीट लाइट स्वीकृत होने का पत्र दिया है। जल्द ही लाइट लगना शुरू हो जाएंगी।

- कंपोस्ट प्लांट के लिए क्या किया ? 40 हजार की आबादी बदबू से परेशान है।

मेयर : मैं कंपोस्ट प्लांट लगाने के पक्ष में शुरू से नहीं था, जिन राज्यों में कंपोस्ट प्लांट लगे हैं, वहां कंपोस्ट खाद और आरडीएफ के ढेर लगे हैं। यह बिक नहीं रही है। पांच बार कंपोस्ट प्लांट के टेंडर लगाए गए थे। हर बार इसमें आपत्ति लगती रही। अब एनटीपीसी यहां पर चारकोल प्लांट लगाएगी। बहुत जल्द कंपनी के साथ 200 करोड़ का प्लांट लगाने का अनुबंध होने जा रहा है। इससे नगर निगम को कूड़ा निस्तारण की ट्रिपिंग फीस से भी निजात मिलेगी।
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- लोक निर्माण विभाग से सड़कें तो ले लीं, लेकिन गड्ढे नहीं भरे, इसके लिए क्या किया ?

मेयर :
सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया है। 50 करोड़ से सड़कों के काम चल रहे हैं।

- सड़कों पर लावारिस पशुओं के झुंड से लोग परेशान हैं, जनता को इससे निजात दिलाने के लिए क्या किया ?

मेयर :
एक सप्ताह में जिला प्रशासन नगर निगम को जमीन आवंटित कर देगा। इसके बाद नगर निगम एक करोड़ की लागत से गोशाला बनाएगा।
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