मलिक के बगीचे में अवैध रूप से बने मदरसे और नमाज स्थल को आठ फरवरी को हटाने गई टीम पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। इसमें वाहनों में आग लगा दी गई थी, हमले में पुलिस, निगम आदि के कर्मचारी घायल हो गए थे। घटना के बाद मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इसके बाद मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कुमाऊं कमिश्नर को सौंपी थी। इसी जांच के सिलसिले में कुमाऊं आयुक्त ने अधिकारियों को नोटिस दिए हैं। उन्होंने बताया कि डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता और बनभूलपुरा थानाध्यक्ष को अगले सप्ताह में अलग-अलग समय देते हुए पक्ष और साक्ष्य देने को कहा गया है। बताया कि अभी आम लोगों में दो व्यक्ति आए थे, पर उनका व्यक्तिगत प्रकरण था। अभी जांच चल रही है, आगे अन्य लोग आ सकते हैं।
अन्य अफसरों को भी बुलाया जाएगा
हल्द्वानी। कुमाऊं कमिश्नर ने बताया कि इसके बाद अन्य अफसरों को भी नोटिस दिया जाएगा। इसमें होमगार्ड कमांडेंट, पीएसी के अधिकारी और दूसरे जिले से अगर फोर्स आयी है तो उनके अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा।