शिकायतों को इकट्ठा कर एक ही मुकदमे के रूप में सुना जाए
डीपी सिंह के खिलाफ सात शिकायतें दर्ज हैं। अगर वह एक केस में उपस्थित नहीं होने का प्रार्थनापत्र देते हैं तो उन्हें अन्य छह केस में भी प्रार्थनापत्र देना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कोई भी आदेश जारी हो सकता है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि निचली अदालत के आदेश को निरस्त किया जाए। सभी शिकायतों को इकट्ठा कर एक ही मुकदमे के रूप में सुना जाए।
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2017 में हुई थी घोटाले की पुष्टि
एसआईटी ने 2017 में करोड़ों रुपये के एनएच 74 घोटाले की पुष्टि की थी। इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी और किसान संलिप्त पाए गए थे। घोटाले में किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर घोटाला किया गया। एक मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने घोटाले की आशंका जताई और जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को जांच के आदेश दिए थे। जांच सही पाए जाने पर तत्कालीन एडीएम प्रताप साह ने पंतनगर के सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया। कई लोगों के नाम सामने आए, उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में दो आईएएस अधिकारी भी निलंबित किए गए थे। अभी एनएच 74 घोटाले के आरोपी जमानत पर हैं।