धुरा और पातली की पहाड़ी में लगी आग, भय का माहौल
बेतालघाट ब्लॉक के धूरा के जंगल में लगी आग के बुधवार को आबादी क्षेत्र में आने से ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा हो गया। उन्होंने पानी डालकर और पिरूल की लाइन काटकर आग को लोगों के घरों तक पहुंचने से पहले ही बुझा लिया। जजुला गांव के सोबन सिंह करायत, पुष्पा देवी और संजना देवी ने बताया कि ग्रामीणों की एकजुटता से आग पर काबू पाया गया है, लेकिन जंगल में लगी आग को बुझाया नहीं जा सका। इधर, ताड़ीखेत ब्लॉक के पातली के जंगल में बुधवार को आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचा हैं। आग से कई हेक्टेयर में लगे पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए। देर शाम तक जंगल में लगी आग नहीं बुझ पाई थी।
वनाग्नि की नहीं मिली विभाग को एक भी सूचना
बुधवार का दिन जंगलों के लिए राहत भरा रहा। विभाग का दावा है कि लंबे अंतराल के बाद बुधवार को नैनीताल जिले में वनााग्नि की एक भी घटना नहीं हुई है। वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने बताया कि बुधवार को रामनगर वन प्रभाग, हल्द्वानी वन प्रभाग और नैनीताल वन प्रभाग में वनाग्नि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
आग बुझाने के लिए महिला समूह आईं आगे
नैनीताल जिले के भीमताल, धारी, ओखलकांडा, रामगढ़ और बेतालघाट के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए महिला समूह की आगे आईं हैं। एनआरएलएम विभाग से जुड़ी महिलाओं ने जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए पिरूल की लाइन काट दिया। जिससे आग पर काबू पाया गया। एपीडी चंद्रा फर्त्याल ने बताया कि महिला समूहों की ओर से जंगल में लगी आग को बुझाने में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को धानाचूली के जंगल में लगी आग को बुझाने में महिलाएं जुटी रहीं।