फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: प्राग फार्म की 300 एकड़ जमीन सिंचाई विभाग को मिली

Wed, 15 Nov 2023 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
मयंक जोशी
विज्ञापन

हल्द्वानी।
दशकों से पुनर्वास की बाट जोह रहे जमरानी बांध प्रभावितों के लिए खुशखबरी है। प्रस्तावित पुनर्वास स्थल की जमीन सिंचाई विभाग के हवाले हो गई है। ऊधमसिंह नगर जिले के गडरियाबाग (प्राग फार्म) में 300.5 एकड़ जमीन राजस्व विभाग ने सिंचाई विभाग को हस्तांतरित कर दी है। चीफ टाउन प्लानर के माध्यम से जल्द टाउन प्लानिंग की जाएगी। पांच दिन के भीतर टाउन प्लानिंग के टेंडर अपलोड होने की संभावना है। पुनर्वास स्थल पर ढांचागत सुविधाओं के विकास के बाद प्रभावितों को वहां बसाया जाएगा।
जमरानी बांध परियोजना में छह गांवों के 1261 परिवार विस्थापन की श्रेणी में आ रहे हैं। प्रभावितों की 50 हेक्टेयर जमीन बांध में डूब रही है जबकि किच्छा के प्राग फार्म में 121.6 हेक्टेयर (300.5 एकड़) जमीन पर प्रभावितों को बसाया जाएगा। प्रथम श्रेणी के परिवारों को पुनर्वास स्थल पर एक एकड़ कृषि भूमि और 200 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड दिया जाएगा। द्वितीय श्रेणी के प्रभावितों को नकद मुआवजा मिलेगा जबकि तृतीय श्रेणी के प्रभावित परिवारों को पुनर्वास स्थल पर 50 वर्ग मीटर भूखंड पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा या इसके बदले प्रभावित नकद प्रतिकर भी ले सकते हैं।
विज्ञापन


पुनर्वास पर खर्च होंगे 600 करोड़
जमरानी बांध प्रभावितों के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन पर 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुनर्वास स्थल प्राग फार्म में 30 फीट सड़क, इंटरमीडिएट तक स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीवर लाइन बिजली, पानी, पार्क, खेल मैदान, पशु चिकित्सालय आदि सुविधाएं दी जाएंगी। 2025 तक पुनर्वास स्थल पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करते हुए पुनर्वास किए जाने की योजना है।

श्रेणीवार प्रभावित परिवारों की संख्या
श्रेणी प्रभावितों की संख्या
प्रथम श्रेणी 209
द्वितीय श्रेणी 822
तृतीय श्रेणी 230
कुल प्रभावित 1261

प्राग फार्म की जमीन सिंचाई विभाग को ट्रांसफर हो गई। चीफ टाउन प्लानर के माध्यम से टाउन प्लानिंग की जाएगी। पांच दिन के भीतर टाउन प्लानिंग के टेंडर अपलोड होने की संभावना है। प्रभावितों के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में करीब 600 करोड़ का खर्च आना है।- हिमांशु पंत, परियोजना प्रबंधक, जमरानी परियोजना इकाई

जमरानी प्रभावितों के खाते खुलवाने के लिए बैंक हुए सक्रिय
हल्द्वानी। जमरानी प्रभावित गांवों में प्रभावितों के खाते खुलवाने के लिए बैंक भी सक्रिय हो गए हैं। इंडियन बैंक की टीम गांवों में कैंप लगाकर जमरानी प्रभावितों के खाते जीरो बैलेंस में खोल रही है। अभी तक 400 से अधिक खाते खुल चुके हैं।
विज्ञापन

जमरानी प्रभावितों को इसी साल मुआवजा राशि बंटनी है। ऐसे में बैंकों की निगाह पहले ही टिक गई है। विभिन्न बैंक वाले ग्रामीणों को खाता खोलने के लिए मना रहे हैं। इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक एचएस राणा का कहना है कि जमरानी बांध प्रभावित सभी गांवों में कैंप लगाकर खाते खुलवाए जा रहे हैं। हल्द्वानी और भीमताल की शाखाओं में खाते खुलवाये गए हैं जो प्रभावित बाहर रहते हैं वे बाहर की शाखाओं में भी खाते खुलवा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें