नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को यूएस में फेलोशिप मिलेगी। इसके साथ ही यूएस में संचालित एक कंपनी ने रिसर्च के लिए आठ लाख रुपये तक की मदद की बात कही है। कुमाऊं विवि की ओर से शोध एवं बेहतर अनुसंधान के लिए इस संस्था के साथ करार किया गया है।
मंगलवार को प्रशासनिक भवन के सभागार में कुलपति प्रो. डीएस रावत ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट शोध और छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। लाइफएक्टिवस प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद और कुमाऊं विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी क्रम में लाइफएक्टिवस, कुमाऊं विवि के रसायन विज्ञान और फार्मेसी विभाग में प्रति छात्र आठ हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से दो पीएचडी फेलोशिप प्रायोजित करेगा। साथ ही चयनित विद्यार्थियों को इंटर्नशिप भी कराई जाएंगी।
प्रो. रावत ने बताया कि अन्य संस्थाओं से भी करार किए जा रहे हैं। कुमाऊं विवि के पूर्व छात्र रहे शैलेश उप्रेती ने यूएस में अपनी कंपनी शुरू की है। साथ ही शोध के क्षेत्र में वह बेहतर कार्य कर रहें है। बीते दिनों वार्ता में उप्रेती ने आश्वासन दिया कि उनकी कंपनी की ओर से मेधावी एवं जरूरतमंद शोधार्थियों को नि:शुल्क शोध कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने पीएचडी के लिए आठ लाख रुपये तक की मदद करने का आश्वासन दिया है।