कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने देहरादून स्थित राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट
नैनीताल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि कुमाऊं विवि में एक नया वर्क कल्चर विकसित हो रहा है जिसमें पठन पाठन, शोध और इंफ्रास्ट्रक्चर का समग्र विकास शामिल है। उन्होंने प्राध्यापकों और शोधार्थियों से उच्च स्तर के जर्नल्स और प्रकाशकों के माध्यम से उत्कृष्ट लेखन का आह्वान करते हुए कहा कि किसी विवि के स्तर का आकलन वहां हो रहे शोध, लेखन और पेटेंट के रजिस्ट्रेशन से ही होता है। उन्होंने विद्यार्थियों और प्राध्यापकों से अधिकाधिक क्रिएटिविटी के साथ ही अधिक ऊर्जा, उत्साह और जज्बे से कार्य करने की भी अपील की।
राजभवन देहरादून में कुमाऊं विवि के समीक्षा कार्यक्रम में विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने राज्यपाल को विवि की विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि विवि में मल्टीपल डिसीप्लीनरी एजुकेशन और रिसर्च यूनिवर्सिटीज (मेरू) के माध्यम से सौ करोड़ की राशि से नौ नई फैकल्टी शुरू की जानी हैं, विवि में शोधार्थियों, इंटर्नशिप करने जाने वालों, शोध संयोजकों को भरपूर प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना में विवि के 12 प्राध्यापकों के कुल लगभग डेढ़ करोड़ के प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने शोध के लिए राशि देने की स्वीकृति दी है। डेढ़ करोड़ की राशि से रसायन विज्ञान और 67 लाख से विज्ञान प्रयोगशाला उच्चीकृत की जा रही हैं।
पीएचडी थीसिस ऑनलाइन जमा करने की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी और यूजीसी एमएमटीटीआई की निदेशक प्रो. दिव्या उपाध्याय भी मौजूद थीं।
राज्यपाल ने की प्रो. तिवारी और प्रो. दिव्या की सराहना
नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने प्रेजेंटेशन के दौरान पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी और प्रो. दिव्या उपाध्याय की सराहना करते हुए उन्हें विवि के महत्वपूर्ण पिलर्स का दर्जा दिया। कहा कि इनकी योग्यता और अनुभव का विवि को बहुत लाभ मिला है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने अनेक अवसरों पर इन दोनों की प्रतिभा और योगदान को देखा और महसूस किया है। राज्यपाल ने दोनों प्राध्यापकों को आगामी कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी। उन्होंने पत्रकारिता विभाग को एक महत्वपूर्ण विभाग बताया।