नैनीताल। शहर में टूरिस्ट और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर कुमाऊं विश्वविद्यालय और आईआईटी रुड़की मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। विभिन्न पहलुओं के व्यापक सर्वे और शोध के बाद इस चुनौती से निपटने के लिए सुझाव तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था दुरस्त की योजना अमल में लाई जाएगी।
अमर उजाला ने नैनीताल की यातायात व्यवस्था व पार्किंग की समस्या को लेकर बीते दिनों अभियान चलाया था। इस अभियान को शासन-प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डीएस रावत सहित अन्य प्राध्यापकों के साथ बीते दिनों बैठक की। इसमें राज्यपाल ने टूरिस्ट एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट पर शोध करने को कहा। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय इस चुनौती के लिए शोध के आधार पर अपने ठोस सुझाव देंगे जिससे पर्यटन और ट्रैफिक का उचित प्रबंधन किया जा सके। इधर विवि ने संयुक्त शोध के लिए आईआईटी रुड़की के साथ करार किया है।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए बनाई जा रही कार्ययोजना : कुलपति प्रो. रावत
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने कहा उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर बढ़ते यातायात को ध्यान में रखते हुए विवि की ओर से नैनीताल जैसे पर्यटक स्थलों में सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम में सेंसर, कैमरे और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके याातायात के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाएगा। कहा कि आईआईटी रुड़की की तकनीकी विशेषज्ञता और कुमाऊं विश्वविद्यालय की क्षेत्रीय जानकारी का समन्वय इस परियोजना को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।