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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सात वर्ष बाद मिला न्याय

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नैनीताल। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग ने 7 वर्ष बाद विधवा को उसके पति की पेंशन का 11,55,474 का भुगतान गत 17 फरवरी को कर दिया है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ग्राम बानना भीमताल निवासी देवकी देवी ने हाईकोर्ट में सात साल पहले याचिका दायर कर कहा था कि उसके पति भूपाल दत्त शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर संतोषजनक सेवा करने के बाद जूनियर हाईस्कूल देवस्थल पिनरों विकासखंड से मई 2003 में सेवानिवृत्त हुए थे। याचिका में कहा कि उसके पति की पेंशन का भुगतान नहीं किया गया था। इसी बीच, उसके पति की 9 सितंबर 2016 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद कोर्ट ने 2017 में आदेश पारित कर समस्त देयकों का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग ने इस आदेश को स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के दान सिंह बनाम सरकार के निर्णय में समस्त पेंशन लाभ देने के निर्देश हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता को 11,55,474 का कर दिया गया है जिसके बाद याचिका निस्तारित कर दी गई है।
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विभाग को करीब 17 वर्षों बाद मिला न्याय
भीमताल निवासी देवकी देवी (72 वर्ष) का कहना है कि उसे 17 वर्षों बाद न्याय मिला है। कहा कि उसे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था।
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