हल्द्वानी। व्यापारियों और सेवा प्रदाता को अब एक अप्रैल से जीएसटी में बिल काटते समय हरमोनाइज्ड सिस्टम ऑफ नॉमिनी क्लेचर (एचएसएन) कोड देना अनिवार्य हो होगा। ऐसा न करने पर जीएसटी विभाग पेनाल्टी लगाएगा। अधिवक्ता अजहर अली ने बताया कि एचएसएन के तहत जिन व्यापारियों का टर्न ओवर पांच करोड़ रुपये तक है उन्हें चार डिजिट, पांच करोड़ से अधिक छह डिजिट और भारत से बाहर बेचने पर आठ डिजिट का एचएसएन कोड देना अनिवार्य है। इधर, सहायक आयुक्त राज्य कर गौरव पंत ने बताया कि एक अप्रैल से व्यापारी और सेवा प्रदाता को एचएसएन कोड देना अनिवार्य होगा। संवाद