हल्द्वानी। दरोगा भर्ती मामले में शासन से करीब छह दरोगाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति मिल गई है। उन पर धांधली कर भर्ती होने का आरोप है।
पुलिस दरोगा भर्ती (बैच 2015) में धांधली की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका प्रबल होने पर जांच विजिलेंस को सौंप दी गई थी। इधर कुमाऊं विजिलेंस की ओर से प्राथमिक जांच में भर्ती में गड़बड़ी की पुष्टि पाए जाने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति शासन से मांगी गई थी।
शुक्रवार को शासन ने विजिलेंस निदेशक को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए। चूंकि मामला कुमाऊं विजिलेंस को सौंपा गया था तो रिपोर्ट भी हल्द्वानी में दर्ज की जाएगी। कुमाऊं विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा ने बताया कि करीब आधा दर्जन दरोगाओं के नामों को रिपोर्ट में शामिल की जाएगी। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले नामों को भी रिपोर्ट में बढ़ा दिया जाएगा। कहा कि रिपोर्ट दर्ज होने के एक महीने के अंदर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
विजिलेंस (कुमाऊं) के एसपी प्रहलाद सिंह मीणा ने बताया कि शासन से निदेशालय को निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय से निर्देश मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। बता दें कि साल 2015 में 349 दरोगाओं के पदों पर सीधी भर्ती की गई थी। धांधली की बात सामने आने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक गई है।