नैनीताल के भूस्खलन प्रभावित चार्टन लाज क्षेत्र में जीयो कट्टों से लगाई जा रही दीवार फोटो संवाद
नैनीताल। नैनीताल के चार्टन लॉज क्षेत्र में शनिवार को भूस्खलन में एक मकान ध्वस्त होने के बाद प्रशासन क्षेत्र की पहाड़ी के बचाव कार्य में जुट गया है। भू वैज्ञानिक की सर्वे के बाद लोनिवि की ओर से भूस्खलन क्षेत्र में रोकथाम के लिए जियो बैग की दीवार लगाई जा रही है। स्थायी उपचार के लिए लोनिवि अब आईआईटी रुड़की और टीएचडीसी से सर्वे कराएरा।
बता दें कि बीते शनिवार को नैनीताल के चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन के बाद दो मंजिला मकान भरभराकर ध्वस्त हो गया। मकान के गिरने से नीचे दो मकान और भी क्षतिग्रस्त हो गए। जिसके बाद प्रशासन ने क्षेत्र को अति संवेदनशील मानते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के 22 मकानों से लोगों को हटाकर घरों पर ताला लगा दिया। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को आवाजाही के लिए मना किया है। सोमवार को भू वैज्ञानिक की ओर से क्षेत्र का निरीक्षण किया था। जिसके बाद भूस्खलन रोकने के लिए जियो बैग की दीवार लगाई जा रही है। भूस्खलन के ऊपरी क्षेत्र को पानी से बचाव के लिए तिरपाल डाली गई है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि फिलहाल पहाड़ी से गिरती मिट्टी की रोकथाम के लिए जियो बैग की दीवार लगाकर प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। स्थायी उपचार के लिए आईआईटी रुड़की और टीएचडीसी से सर्वे कराए जाने पर विचार किया गया है। जल्द ही क्षेत्र का गहन सर्वे कर स्थायी उपचार के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
क्षेत्र में दरार भरे रास्ते से लोग कर रहे आवाजाही
नैनीताल। चार्टन लॉज में भूस्खलन में मकान गिरने के बाद ऊपर रास्ते में आवाजाही रोक दी थी। लेकिन उसके बाद भी लोग संवेदनशील रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। जिससे कभी भी जनहानि हो सकती है।
लोग कर रहे घर वापसी का इंतजार
नैनीताल। चार्टन लाॅज में भूस्खलन के दौरान मकान गिरने के बाद से प्रशासन ने 22 मकानों में ताला लगाकर परिवारों को अन्यत्र स्थापित कर दिया था। पांच दिन बीतने के बाद लोग घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। लोग प्रशासन से स्थायी उपचार की बात कर रहे हैं।