भीमताल (नैनीताल)। समय रहते अगर आदमखोर वन्य जीवों के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में यह आपदा का रूप ले सकता है। आबादी क्षेत्र में भी आदमखोर वन्य जीवों की दहशत और बढ़ सकती है। सेवानिवृत्त डीएफओ दिनकर तिवारी ने बताया कि प्रभावी वन्य जीव संरक्षण के तहत बाघ और तेंदुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है। मैदानी क्षेत्रों में युवा बाघ और तेंदुए बूढ़े और शिकार करने में कमजोर हो चुके बाघ और तेंदुओं को पर्वतीय क्षेत्रों की ओर खदेड़ रहे हैं। शिकार करने में कमजोर होने के चलते यह आदमखोर होकर महिलाओं पर हमला कर रहे हैं। सरकार को आदमखोर वन्य जीव को मारने के आदेश की अनुमति डीएफओ को देनी चाहिए।