हल्द्वानी। पेट्रोल में अब 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित है। ऐसे में पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि ग्राहक को पेट्रोल और पानी का संपर्क न होने देने का प्रयास करना चाहिए। पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चड्ढा के अनुसार पानी के संपर्क में आने पर यह इसी की तरह दिखने वाले द्रव्य में बदलकर पेट्रोल के नीचे बैठ जाता है। ऐसे में ग्राहकों को पेट्रोल को पानी का संपर्क में नहीं आने देना चाहिए। डीलर्स भी इस संबंध में सावधानी बरत रहे हैं। अगर वाहन की टंकी में पानी पाया गया तो यह पूरी तरह से ग्राहक की ही जिम्मेदारी है। ईंधन भरवाते समय ग्राहक पंप के नोजल से पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं। वाहन मैकेनिक सुहेब मलिक का कहना है कि दोपहिया चौपहिया वाहनों में ज्यादा इथेनॉल डालने से इंजन और कार्बोरेटर पर असर दिखता है। कार्बोरेटर में हरे रंग की परत जमने लग जाती है।