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भूलकर भी न जाएं जंगल वरना वन विभाग कर देगा कार्यवाही

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जीवन कुमार। रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट लैंडस्केप के जंगलों में कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कॉर्बेट लैंडस्कैप के वन प्रभागों ने ग्रामीणों को जंगल के अंदर जाने पर रोक लगा दी है, यदि कोई भी ग्रामीण जंगल के अंदर घुसेंगे तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों को लॉकडाउन का पालन करने और हर चैक पोस्टों पर वन कर्मियों की तैनाती की गई है। कॉर्बेट लैंडस्कैप में रामनगर वन प्रभाग व तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगल फैले है, ये जंगल चारों ओर से खुले हैं। इन जंगलों में ग्रामीण लकड़ी लेने व पालतू मवेशियों को चराने के लिए जाते हैं। कॉर्बेट नेशनल पार्क की बात करें तो यहां पर ग्रामीणों को जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन रामनगर वन प्रभाग व तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगल में जाने के लिए ऐसी पाबंदी नहीं है। यदि कोई ग्रामीण जंगल में प्रवेश करते हुए मिला तो उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। जंगलों के रास्तों को किया बंद: तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि सभी रेंजरों की बैठक लेकर निर्देशित किया है। ग्रामीणों के जंगल में घुसने के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। वहीं कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं ताकि कोई ग्रामीण यदि जंगल में घुसे तो वह आसानी से पकड़ में आ जाएं। ऊधमसिंह नगर की सीमा से लगे जंगलों में पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम गश्त कर रही है। यही पर सबसे ज्यादा ग्रामीणों की आमद जंगल के अंदर होती है। ऐसे में इन स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिये गए है। आबादी से लगे जंगलों में खास नजर रखेगी : रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आबादी से लगे जंगलों पर खास नजर रखने के निर्देश दिये गए हैं। रामनगर वनप्रभाग को जंगल रामनगर से लेकर हल्द्वानी तक लगता है। आबादी से लगा हुआ जंगल सबसे ज्यादा यही पर है, ऐसे में यहां पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जंगलों में रहने वाले वन गुर्जरों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है और समय-समय पर वन विभाग के रेंजर व वन कर्मी उन्हें जागरूक कर रहे है। जंगल के अंदर जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है।
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