नैनीताल। सर्दी के मौसम में नैनीताल में बर्फबारी और बारिश न होने का असर नैनीझील पर भी नजर आने लगा है। झील का जल स्तर प्रतिदिन गिर रहा है। दो साल बाद नैनीझील का जल स्तर छह फीट से नीचे पहुंचा है अगर अब भी बारिश नहीं हुई तो मई-जून के पर्यटक सीजन में जल स्तर शून्य से नीचे पहुंच जाएगा और झील में डेल्टा नजर आने लगेंगे।
नैनीताल के पर्यटन व्यवसाय में झील की भी एक अहम भूमिका है लेकिन इस बार न तो बारिश हुई है और न ही बर्फबारी। लिहाजा झील की सेहत अभी से बिगड़ने लगी है और रोजाना जल स्तर घटता जा रहा है। नैनीझील का सर्वाधिक जलस्तर 12 फीट रहता है जो बरसात के बाद अगस्त-सितंबर में पहुंचता है। बारिश अधिक होने पर इसके निकासी द्वार खोलकर अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल दिया जाता है। पिछले पांच वर्षों में 15 फरवरी 2022 को झील का जल स्तर सर्वाधिक आठ फीट 10.5 इंच रिकाॅर्ड किया गया जबकि 15 फरवरी 2023 में यह घटकर छह फीट 2 इंच पहुंच गया था।
पांच साल में 15 फरवरी को नैनीझील का जल स्तर
साल जल स्तर
वर्ष 2020 5 फीट 6.5 इंच
वर्ष 2021 3 फीट 10.5 इंच
वर्ष 2022 8 फीट 10.5 इंच
वर्ष 2023 6 फुट 2 इंच
वर्ष 2024 5 फुट 9 इंच
रमेश सिंह गैड़ा, प्रभारी नैनीझील नियंत्रण कक्ष, नैनीताल ने बताया कि सर्दी के सीजन में बारिश और बर्फबारी न होने का असर झील पर पड़ रहा है। जल स्तर प्रतिदिन आधा इंच घट रहा है जबकि सप्ताहांत में यह एक इंच घटता है। यदि बारिश न हुई तो मई-जून में जल स्तर शून्य से नीचे पहुंच जाएगा। झील का जल स्तर दो फुट पहुंचने के बाद झील में डेल्टा नजर आने लगते हैं।