रामनगर। उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री तारा चंद्र घिल्डियाल ने राजस्व परिषद को पत्र लिखते हुए कहा है कि मैदानी जनपदों में भूमि की खरीद-फरोख्त ज्यादा होने से अधिकतर खतौनी खाते संयुक्त और जटिल हैं। ऐसे में अंश निर्धारण कार्य को गुणवत्तापरक पूर्ण करने के लिए परिषद स्तर से समय की बाध्यता को समाप्त किया जाए। अंश निर्धारण कार्य में खातेदार खाते में अपना अंश सिद्ध करने के लिए स्वयं अपने अभिलेखों और साक्ष्यों को प्रस्तुत करने पर अंश निर्धारित करने की व्यवस्था की जाए। अंश निर्धारण कार्य में त्रुटि की दशा में रजिस्ट्रार कानूनगो, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार के स्तर पर त्रुटियों को सुधारने की व्यवस्था की जाए।