हल्द्वानी। श्रीमद्भागवत गीता के तीसरे दिन कथावाचक सतीश लोहनी ध्रुव की कथा सुनाई। कहा, परिवार को बचाने के लिए धैर्य व संयम की नितांत आवश्यकता होती है। इस मौके पर भुवन शास्त्री एवं रिटायर्ड प्राचार्य डॉ.नवीन चंद्र जोशी ने गीता के संदेश को आत्मसात करने पर जोर दिया। महामंडलेश्वर परेश यति ने कहा कि गीता को आत्मसात करने से मानव का कल्याण होता है। यहां एलआईसी के डिविजनल मैनेजर सीडी जोशी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद