नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले के मुजफ्फरपुर मौजां गांव में कृषि कार्य के लिए दी गई जमीन पर अवैध खनन के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने पूछा कि जब यह भूमि कृषि कार्य के लिए दी गई है तो यहां खनन कैसे हो रहा है और संबंधित अधिकारी क्या कर रहे हैं। मामले में अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई। हरिद्वार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर सैनी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि वन विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर मौजां गांव के 59 लोगों के परिवारों को 55 हेक्टेयर वन भूमि कृषि कार्य के लिए दी गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस भूमि पर पट्टेधारक अवैध खनन कर रहे है। कहा कि उन्होंने इससे संबंधित फोटो भी कोर्ट में पेश किए हैं। याचिका में कहा गया कि जब यह भूमि उनको कृषि कार्य के लिए दी गई थी तो वहां अवैध खनन कैसे हो रहा है। उन्होंने यहां अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।