हल्द्वानी। बढ़ते तापमान और मौसम विशेषज्ञों की अप्रैल-मई माह में भीषण गर्मी की चेतावनी ने तराई और भाबर क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग के निदेशालय के निर्देश पर सीएमओ ने जिले के सभी अस्पतालों को उचित इंतजामों के साथ अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 20 अप्रैल के बाद तापमान में और ज्यादा इजाफा रहने की संभावना है। पंतनगर कृषि विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह के अनुसार अप्रैल-मई में लू चलने की आशंका है, जिसकी अवधि अन्य सालों की अपेक्षा 15 से 20 दिन तक रहेगी जो सामान्य से काफी ज्यादा है। क्योंकि, तराई भाबर में नमी ज्यादा रहती है।
तेज सिर सर्द और बेहोशी की रहती है शिकायत
विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 से तीन बजे का समय काफी गर्मी वाला रहता है। ऐसे में लोगों को तेज सिर दर्द भी होता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नीलांबर भट्ट के अनुसार हीट स्ट्रोक अत्यधिक तापमान बढ़ने पर होता है। इसे सामान्य भाषा में लू कहते हैं। इसमें बीपी लो हो जाता है और उल्टी, चक्कर यहां तक की बेहोशी भी छा जाती है।
मार्च के अंत से ही बढ़ने लगा है तापमान
तापमान में बढ़ोतरी मार्च के अंतिम सप्ताह से ही होने लगी थी। 30 मार्च को तापमान 35.8 और 31 मार्च को 36.3 डिग्री रहा। इसके बाद पांच और छह अप्रैल को 35 डिग्री, 6 अप्रैल को 34.4, आठ अप्रैल को 34.6 डिग्री सेल्सियस और 10 अप्रैल को एक बार फिर 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
क्या करें क्या ना करें-
- तेज गर्मी में घर से ना निकलें, जरूरी हो तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें।
- अस्वस्थ व्यक्ति घर में ही आराम करें। संतुलित आहार का सेवन करें।
- घरों से बाहर के काम दोपहर से पहले निपटा लें।
- तेज धूप में कार्य न करें, छायादार स्थान तलाशें, अपने पास तरल पदार्थ रखें।
- छोटे बच्चों, दिल के मरीजों, गर्भवती महिलाओं को तेज धूप में जाने से बचना चाहिए।
डीजी हेल्थ के निर्देशानुसार सभी अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा गया है। उल्टी-दस्त समेत डिहाइड्रेशन से रोकथाम के लिए आवश्यक दवाइयां, ओआरएस समेत सभी प्रमुख दवाइयां रखने को कहा गया है। -डाॅ. श्वेता भंडारी।