होलिका दहन प्रदोष काल में उत्तम में माना जाता है। प्रदोष काल इस बार गुरुवार को 7:45 से 10:30 तक है। पर्व निर्णय सभा के अनुसार यह समय होलिका दहन के लिए उत्तम है। होलिका दहन मंगलपड़ाव स्थित होलिका ग्राउंड में होगा। इसमें लोग गाय की उपले, जौ, नया अन्न चढ़ाते हैं और सुख, समृद्धि की कामना करते हैं। पर्व निर्णय सभा में डा. गोपाल दत्त त्रिपाठी, डा. नवीन चंद जोशी, डा. भुवन चंद त्रिपाठी, डा जगदीश चंद भट्ट मौजूद थे। छलड़ी (रंग खेलना) शुक्रवार को है।