नैनीताल। हाईकोर्ट ने पर्यटक सीजन के दौरान नैनीताल में वाहनों की भीड़ से ट्रेफिक जाम होने के कारण आवश्यक सेवाएं बाधित होने को लेकर स्वत: संज्ञान लिए जाने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए 8 जून की तिथि नियत की है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस समस्या को समय पर नही सुलझाया गया तो यहां के हालात भी जोशीमठ की तरह हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने यातायात प्रबंधन को नजरअंदाज किया है। जिसकी वजह से अव्यवस्था हुई है। हाईकोर्ट ने नैनीताल में पार्किंग कम होने के कारण यहां हैली सेवा, रोपवे व शटल सेवा का सहारा लिए जाने की जरूरत बताई है।
कोर्ट ने नगर पालिका से पूछा है कि माल रोड में कितने ई रिक्शा चल रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार एक अधिवक्ता की ओर से मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शहर में ट्रेफिक जाम होने से हो रही परेशानियों से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि नैनीताल में खासकर सीजन के दौरान ट्रेफिक जाम की बहुत बड़ी समस्या है। सीजन के दौरान हजारों पर्यटक अपने वाहनों और टैक्सी से यहां आते हैं, जो जाम का मुख्य कारण हैं। उच्च न्यायालय की ओर से समय समय पर जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन को ट्रेफिक सुधारने के लिए निर्देश जारी हुए हैं। लेकिन समस्या का हल आज तक नही निकला। यातायात पुलिस ट्रेफिक को आसानी से चलाने में नाकाम साबित हुई है जिससे स्कूली बच्चों, कार्यालय कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को समय पर पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण होटल व्यवसायी भी पर्यटकों की गाड़ियों को सड़क पर ही खडी करवा रहे हैं। ऐसे में कई बार एम्बुलेंस समेत मरीजों को ले जा रही निजी गाड़ियां ट्रेफिक जाम का शिकार हुई हैं। कालाढूंगी, भवाली और हल्द्वानी से आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग नही हो रही है। जिससे जाम के हालात पैदा होते हैं और पुलिस खुद मूकदर्शक बनी रहती है। इंडिया होटल के पास जू शटल सेवा लगी रहती है जिसकी वजह से और जाम लग जाता है। उसे भी आगे शिफ्ट किया जाए।