नैनीताल। हाईकोर्ट ने दून विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर (संचार) की नियुक्ति को वैध माना है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
देहरादून निवासी शांति प्रसाद भट्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वर्ष 2010 में दून विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर (संचार) के पद पर डॉ. राजेश कुमार की नियुक्ति को चुनौती दी थी। कहा गया था कि डॉ. राजेश कुमार इस पद के लिए यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्यता नहीं रखते हैं। दून विवि ने इन्हें यूजीसी के नियमों के विरुद्ध जाकर नियुक्ति दी है। डॉ. राजेश कुमार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सीडी बहुगुणा ने कोर्ट को अवगत कराया कि इस मामले में गठित विवि की तीन सदस्यीय विषय विशेष कमेटी ने उन्हें इस पद के लिए योग्य माना था और डॉ. राजेश इस पद की सभी अहर्ताएं पूरी करते हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर संचार की नियुक्ति को वैध मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।