नैनीताल। हाईकोर्ट ने लावारिस पशुओं की स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में सरकार सहित अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में हुई। हल्द्वानी निवासी निरूपमा भट्ट ने जनहित याचिका में कहा है कि सड़कों पर कुत्ते, गाय, बैल, घोड़ा बिल्ली आदि लावारिस घूमते रहते हैं। कई लोग उन पर अत्याचार भी करते है। किसी जानवर की सड़क दुर्घटना तो किसी की बिजली के करंट से मौत हो गई। दुर्घटनाओं में घायल कुछ जानवरों का इलाज सरकारी अस्पताल में किया जाता है लेकिन वहां पर कई सुविधाएं नहीं है। कई जगह डॉक्टर तक नहीं है। याचिका में कहा कि 2012 से 2015 के बीच जो डाटा सामने आए है उनमें लगभग चौबीस हजार जानवरों के उत्पीड़न का मामला सामने आया है।