नैनीताल। नगर में इन दिनों हो रही बारिश से जहां तापमान में गिरावट हो रही है वहीं, झील का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। दिवस झील का जल स्तर माइनस चार इंच था। 24 घंटों में हुई बारिश के बाद जल स्तर में लगभग नौ इंच की बढ़ोतरी हुई है। बृहस्पतिवार को जल स्तर एक फीट एक इंच पर पहुंच गया।
बुधवार की देर रात एक बजे से बारिश शुरू हुई जो बृहस्पतिवार दोपहर तक चली। इसके बाद शाम तक मौसम खुशनुमा बना रहा। बारिश के चलते मेट्रोपोल के पास पेड़ की बड़ी टहनी सड़क पर आने से यातायात बाधित हो गया जिसे दमकल कर्मियों की ओर से हटाकर यातायात यातायात बहाल किया गया। वहीं रात में तेज बारिश के चलते हनुमान गढ़ी के पास पहाड़ से मलबा गिरने की वजह से मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना पर एनएच की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाकर सड़क खोली।
इधर कृष्णापुर क्षेत्र में पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। तल्लीताल रैमजे बाजार स्थित बाजार में नवनिर्मित आवास के पास स्थित पुराने भवन की दीवार गिर गई। राहत की बात रही कि किसी को चोट नहीं आई। इधर झील नियंत्रक कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि नगर में 95 मिमी बारिश हुई जिससे झील का जल स्तर एक फीट एक इंच पहुंच गया है। 13 जून को जल स्तर शून्य पर था जबकि 21 जून को यह अधिकतम माइनस आठ इंच पर रही। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी नवीन धूसिया ने बताया कि नैनीताल का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बारिश के चलते सीतावनी जोन में नहीं हुई सफारी
रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट पार्क से सटा रामनगर वन प्रभाग का सीतावनी और भंडारपानी जोन बारिश के चलते बृहस्पतिवार को बंद रहा। जंगल में अत्यधिक बारिश होने से दो दिन से यहां जंगल सफारी नहीं हो रही है। मानसून सीजन के मद्देनजर 30 जून को दोनों जोनों को बंद कर दिया जाएगा।
25 जून की रात को तेज बारिश होने के चलते कालीगाड़ स्रोत में ज्यादा पानी आ गया था। ऐसे में 26 और 27 जून को पर्यटकों के लिए जंगल सफारी को बंद कर दिया गया। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ दिगांथ नायक ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जोनों में सफारी बंद की गई है। सीतावनी जोन जाने वाले रास्ते के बीच में कालीगाड़ स्रोत पड़ता है जिसका जलस्तर बारिश की वजह से लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर कॉर्बेट पार्क के ढेला, बिजरानी, झिरना और गर्जिया जोन में जंगल सफारी हुई।
आपदा के दौरान राहत और बचाव में जुटेंगे 202 आपदा मित्र
हल्द्वानी। मानसून सीजन के मद्देनजर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि तहसील स्तर पर 45 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं जबकि नैनीताल में आपदा प्रबंधन विभाग में ही मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी और थानों के अलावा प्रत्येक तहसील को आपदा प्रबंधन से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामसभा स्तर पर 202 स्वयंसेवी युवाओं को राहत और बचाव का प्रशिक्षण दिया गया है। यदि कहीं किसी तरह की आपदा आती है तो राहत और बचाव के काम में इन प्रशिक्षित युवाओं की भी मदद ली जाएगी। सभी आपदा मित्रों को आपदा किट भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा होमगार्ड और पीआरडी जवानों को भी आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।