हल्द्वानी। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते बृहस्पतिवार को गौला नदी खतरे के निशान को पार कर गई। नदी का जलस्तर दोपहर तीन बजे 12420 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने चेतावनी जारी कर बैराज के सभी गेट खोल दिए। देर शाम नदी का जलस्तर कम होकर 7000 क्यूसेक दर्ज किया गया।
खनस्यूं क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते गौला नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग की ओर से आपदा कंट्रोल रूम समेत श्रीलंका टापू तक सभी सरकारी मशीनरी को अलर्ट कर दिया। बैराज क्षेत्र में सायरन बजाकर लोगों को सचेत किया गया और नदी के आस-पास ना जाने की चेतावनी जारी की गई। बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। नदी में भारी मात्रा में सिल्ट भी आई। बैराज के गेट मैनुअल तरीके से खोलकर सिल्ट को काटा गया। इस दौरान 12420 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। देर शाम तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे पहुंचा।
गौरतलब है कि गौला नदी का जलस्तर 10,000 क्यूसेक से अधिक पहुंचने पर बाढ़ की स्थिति आ जाती है। सिंचाई सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस बिष्ट ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। बैराज में जमा सिल्ट को काटने का कार्य किया जा रहा है। देर शाम नदी का जलस्तर कम होकर 7000 क्यूसेक पहुंच गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के ट्रेक को भी खतरा
हल्द्वानी। गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के ट्रेक को भी खतरा बढ़ गया है। नदी लगातार रेलवे स्टेशन की ओर के भूभाग को काट रही है। बीते दिनों प्रशासन ने एहतियातन गौला नदी के किनारे सुरक्षा के लिए आरबीएम डाला था। लेकिन गौला नदी उफान में आने से सभी सुरक्षात्मक कवायदें धरी रह गई और आरबीएम बह गया। जलस्तर बढ़ने पर गौला रेलवे ट्रेक संख्या तीन की ओर लगातार कटाव कर रही है।
गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से श्रीलंका टापू का संपर्क कटा
लालकुआं। गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से श्रीलंका टापू के लोग मुख्यधारा से कट गए हैं। बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बंगाली कॉलोनी, वीआईपी गेट कॉलोनी, बजरी कंपनी और खड्डी मोहल्ला क्षेत्र में जलभराव होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। तहसीलदार सचिन कुमार ने बताया कि गौला नदी का जलस्तर आठ हजार क्यूसेक मापा गया है। राजस्व विभाग की टीम ने गौला नदी से लगे गांवों में भू-कटाव की स्थिति का जायजा लिया है। बिंदुखत्ता के दो इलाकें में भू-कटाव की आशंका को देखते हुए सतर्क किया गया है।
फोटो - गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति का जायजा लेती हल्का पटवारी।